भारत सरकार देश की बेटियों और महिलाओं के लिए कई तरह की सरकारी योजनाएं चला रही है, ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। अगर आप इस देश की बेटी हैं, तो आपको इन योजनाओं की जानकारी जरूर होनी चाहिए, क्योंकि इनके तहत सरकार महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
इन योजनाओं में आपको केवल आवेदन करना होता है, इसके बाद सरकार सहायता राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज देती है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि भारत में केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों स्तर पर अलग-अलग योजनाएं चलाई जाती हैं। यहां हम आपको दोनों ही प्रकार की योजनाओं की जानकारी देने जा रहे हैं, ताकि आप आसानी से आवेदन कर सकें।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक मातृत्व लाभ योजना है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य जांच और आराम के लिए आर्थिक सहयोग देना है।
सरकार इस योजना के माध्यम से स्तनपान को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करना चाहती है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को कुल 5,000 रुपये की सहायता राशि किश्तों में दी जाती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की विशेषताएं
गर्भवती महिलाओं को तीन किश्तों में कुल ₹5,000 की सहायता।
योजना का लाभ केवल पहली बार गर्भवती और पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को।
गर्भावस्था जांच, टीकाकरण और पोषण के लिए आर्थिक सहायता।
नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य उपकेंद्र से आवेदन।
लाभ राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर।
सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं इस योजना की पात्र नहीं हैं।
आवेदन प्रक्रिया
इस योजना में आवेदन के लिए नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र पर फॉर्म भरना होता है। इसके साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक, गर्भावस्था पंजीकरण प्रमाण पत्र, टीकाकरण कार्ड और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जमा करना होता है।
किश्तों का विवरण:
पहली किश्त: ₹1,000 (गर्भावस्था पंजीकरण के बाद)
दूसरी किश्त: ₹2,000 (6 महीने बाद ANC जांच पूरी होने पर)
तीसरी किश्त: ₹2,000 (बच्चे के जन्म और टीकाकरण के बाद)
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की एक छोटी बचत योजना है, जिसका उद्देश्य बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करना है। यह योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का हिस्सा है। इसके तहत माता-पिता अपनी बेटी की शिक्षा और विवाह के लिए बचत कर सकते हैं।
योजना की विशेषताएं
10 वर्ष से कम आयु की बालिका के लिए खाता खोला जा सकता है।
एक परिवार की दो बेटियों को लाभ (जुड़वां बच्चियों को छूट)।
डाकघर या अधिकृत बैंक में खाता खोलने की सुविधा।
न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख वार्षिक निवेश।
2024-25 की तीसरी तिमाही के लिए ब्याज दर 8.2%।
21 वर्ष की परिपक्वता अवधि या 18 वर्ष के बाद विवाह तक।
धारा 80C के तहत टैक्स छूट, ब्याज और परिपक्वता राशि टैक्स-फ्री।
आवेदन प्रक्रिया
नजदीकी डाकघर या बैंक शाखा में आवेदन फॉर्म भरना होता है। साथ में बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, अभिभावक का पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र देना होगा।
नोट: बालिका की 18 वर्ष की आयु के बाद उच्च शिक्षा के लिए 50% राशि निकाली जा सकती है।
महिला शक्ति केंद्र योजना (MSK)
महिला शक्ति केंद्र योजना महिलाओं को सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह योजना ब्लॉक स्तर पर कार्य करती है और महिलाओं को कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य, पोषण और रोजगार से जोड़ती है।
विशेषताएं
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू।
सरकारी योजनाओं, कानूनों और अधिकारों की जानकारी।
सिलाई, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर जैसी स्किल ट्रेनिंग।
अन्य योजनाओं जैसे उज्ज्वला, जनधन, पीएम आवास आदि से जोड़ना।
यह योजना सीधे नकद राशि नहीं देती, बल्कि महिलाओं को अन्य लाभकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद करती है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS)
यह योजना गरीब विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए चलाई जाती है। इसके तहत बीपीएल श्रेणी की महिलाओं को मासिक पेंशन प्रदान की जाती है।
मुख्य विशेषताएं
बीपीएल परिवार की विधवा महिलाओं को लाभ।
न्यूनतम ₹300 मासिक पेंशन (राज्य अनुसार अतिरिक्त राशि)।
पैसा सीधे बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में।
कुछ राज्यों में समय-समय पर रिन्यूअल जरूरी।
राज्य सरकार की प्रमुख योजनाएं
भारत के अलग-अलग राज्यों में महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाती हैं, जैसे:
लाडली लक्ष्मी योजना (मध्य प्रदेश)
मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना (बिहार)
आपकी बेटी स्कॉलरशिप योजना (राजस्थान)
मुख्यमंत्री राजश्री योजना (राजस्थान)
दिल्ली लाडली योजना
इन योजनाओं के अंतर्गत बेटियों को शिक्षा, विवाह और भविष्य के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
Conclusion
आज के समय में बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है। यदि दोनों को समान अवसर और अधिकार मिलें, तो वे अपने परिवार और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से सरकार महिलाओं और बेटियों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रही है।
चूंकि हर राज्य में योजनाएं अलग-अलग होती हैं, इसलिए अपने नजदीकी सरकारी कार्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र या जन सेवा केंद्र से सही और अपडेट जानकारी जरूर प्राप्त करें।